
नया पद। अब वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संपर्क करने के लिए अलग से नियुक्ति।
UGC पर घिरी मोदी सरकार पर अब भाजपा के लोग ही अंदरखाने नाराज़ हैं ऐसे में बढ़ती महंगाई और कुछ राज्य में अडानी के प्रति आमजन का सोशल मीडिया पर विरोध साथ ही ऑनलाइन भाजपा की सदस्यता में कई अवांछित तत्वों का आना भाजपा के लिए सरदर्द साबित हो गया है। कांग्रेस से आए कई नेताओं को टिकट देने और मुख्यधारा में ले आने से भी असली भाजपा के कार्यकर्ताओं में गहरी नाराज़गी है। वहीं पिछली बार मोदी का नारा अबकी बार 400 पार एक जुमला बनके रह गया वहीं भाजपा स्पष्ट बहुमत से भी हाथ धो बैठी।
सूत्रों की मानें तो अब धीरे-धीरे नई दिल्ली को संकेत समझ आने लगे हैं की 2014 के बाद जो भीड़ बड़ी संख्या में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर चुकी है उससे ज्यादा लंबे समय तक कुछ नया नहीं हो सकता। इसलिए अभी से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता से संपर्क के लिए नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को भाजपा का राष्ट्रीय संगठक बनाया गया है।
अब देखना ये है कि अंदर ही अंदर अपनों के बढ़ते विरोध से घिर रही भाजपा किस तरह चुनाव के पहले डैमेज कंट्रोल कर पाती है।
राष्ट्रीय संगठक के रूप में ब्राह्मण चेहरा को लाना भी UGC पर घिर चुकी सरकार पर भाजपा की ये रणनीति कितनी कारगर होगी ये तो समय ही बताएगा।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय संगठक अपनी टीम का विस्तार कर सकते हैं।
आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।
