
2007 में ना तो भाजपा की सरकार दिल्ली में थी ना ही जम्मू कश्मीर में।
2007 में लेह कलेक्टर का लिखा पत्र अब सुर्खियों में है साथ ही इस पत्र का महत्व हाल ही में उत्पन्न स्थिति पर और भी अधिक है क्योंकि आमरण अनशन को लेकर जिस तरह सोनम वांगचुक ने सहानुभूति बटोरने का प्रयास किया है वो इस पत्र से सबके सामने है।

ये नोटिस लेह कलेक्टर द्वारा सोनम वांगचुक को भेजा गया था।
इसमें चौथे बिंदु को प्रमुखता के साथ पढ़ने पर ये मसला काफी गम्भीर विषय का है सबसे बड़ी बात ये है कि उस समय न तो केंद्र में भाजपा सरकार थी न ही जम्मू कश्मीर में।
