“मुझे विधायक जी ने पीटा, मेरे कपड़े फाड़े” सीतापुर विधायक राम कुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार के इस बयान से पूरे राज्य में भाजपा विधायक राम कुमार टोप्पो की जमकर किरकिरी हो रही है।

गंभीर धाराओं में भाजपा विधायक राम कुमार टोप्पो, यूसुफ, नाज़िम रज़ा और पंकज गुप्ता के समेत अन्य आरोपियों पर FIR भी दर्ज़ हो गई है ,इससे साफ़ है कि भाजपा संगठन और सीएम हाउस भी रामकुमार टोप्पो के इस उदंड व्यवहार पर नाराज़ है।
जिस तरह सत्ता पक्ष के एक विधायक राम कुमार टोप्पो ने एक नायब तहसीलदार की सरेआम पिटाई की वो कृत्य बेहद अशोभनीय और लोकतंत्र के विरुद्ध है।
पहले से ही जाति प्रमाण पत्र के केस में घिरे भाजपा विधायक राम कुमार टोप्पो ने जिस तरह एक सरकारी अधिकारी की पिटाई की उससे अंदरखाने राज्य के बड़े अधिकारियों में भी बहुत नाराज़गी है और इस मामले पर राज्य की भाजपा सरकार की भी जमकर किरकिरी हो रही है।
यदि कोई अधिकारी नियम से काम नहीं कर रहा हो तो विधायक को इस बात की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को करनी थी क्योंकि अब विधायक के समर्थन में कुछ लोग इस तरह की दलील दे रहे हैं कि नहीं सुनने वाले अधिकारी के साथ विधायक ने ठीक किया है। लेकिन एक बड़ा वर्ग इसे राज्य में अराजकता को बढ़ाने वाला बता रहा है।

वहीं सुशासन तिहार के दौरान पार्टी के विधायक का कुशासन ही विपक्ष में बैठी कांग्रेस को एक और मुद्दा घर बैठे बिठाए दे दिया है।
आलोक शुक्ल।

गंभीर धाराओं में FIR से विधायक राम कुमार टोप्पो और इनके समर्थकों की मुसीबत बढ़नी तय है।

आलोक शुक्ल।

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