
असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने वायरल पत्र को फेक बताया है और ट्वीट भी किया है।
पहल ने भी इस पत्र पर समाचार प्रकाशित किया था लेकिन सबसे गंभीर सवाल ये है कि आख़िर चुनाव के समय इस तरह का फर्जी पत्र वायरल करना क्या इस पर भी कोई जांच होगी?
ये मामला बहुत गंभीर और चौंकाने वाला तो है ही साथ ही एक बड़ा अपराध भी।
आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।
