आज अंबिकापुर में कांग्रेस ने खाद की कालाबाजारी और फसल बीमा में मनमानी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव के निर्देश पर भारी संख्या में सांकेतिक रोड जाम कर,7 मांग रखीं और इसका पत्र एस डी एम को सौंपा।

प्रेस विज्ञप्ति

खरीफ सीजन में खाद की कमी और कालाबजारी, एग्रो स्टेट पंजीकरण में शिथिलता, फसल बीमा में मनमानी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने आज जिलाध्यक्ष  बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में ग्राम डिगमा में धरना प्रदर्शन कर बनारस रोड पर सांकेतिक चक्काजाम किया। खरीफ़ सीजन की शुरुआत से ही समितियों में निरंतर यूरिया, डी ए पी और दूसरे कॉम्प्लेक्स खाद की कमी बनी हुई है। सरकार ने रूस-यूक्रेन युद्ध की आड़ में ड़ी ए पी खाद का आयात ही नहीं किया। यूरिया खाद जिसके उत्पादन में देश आत्मनिर्भर है कि भी कमी प्रशासनिक लापरवाही से बनी हुई है। खरीफ़ के सीजन में रोपा के उपरांत आज यूरिया का शॉर्टेज समितियों में बना हुआ है। दूसरी ओर इसकी जबरदस्त कालाबाजारी हो रही है। 266 रुपए के यूरिया की बोरी 800₹ में कालाबाजारियों के द्वारा बेचा जा रहा है। धान खरीदी और अन्य कृषि फायदे के लिए केंद्र सरकार के द्वारा लाये गए एग्री स्टेट पंजीयन को बिना प्रचार प्रसार के अनिवार्य करने एवं पंजीयन पोर्टल की लचर व्यवस्था भी आज के प्रदर्शन का एक मुद्दा था। यह मांग भी थी कि वन अधिकार पट्टे के धान उत्पादक किसानों को भी इससे जोड़ा जाये ताकि वे भी समर्थन मूल्य पर धान समितियों में बेच सकें।किसानों की सहमति के बगैर फसल बीमा के प्रीमियम की कटौती, सिंचित क्षेत्र जिन्हें असिंचित घोषित किया गया है को पुनः सिंचित घोषित करने सहित कुल 7 मांगे इस प्रदर्शन के दौरान रखी गई और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपा गया। प्रदर्शन के दौरान एकत्र हुए किसानों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने कहा कि सरकार समितियों के माध्यम से तत्काल शासकीय दर पर किसानों को खाद उपलब्ध कराए साथ ही खाद के कालाबाजारियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि जैसे एक शिशु को समय पर दूध की आवश्यकता होती है उसी प्रकार फसलों को भी समय पर खाद चाहिए। खाद को लेकर सरकार का रवैया के कारण अच्छी बारिश के बावजूद किसानों का उत्पादन प्रभावित होने की संभावना बन रही है। पीसीसी उपाध्यक्ष श्री जे पी श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा की सरकारों का लक्ष्य बड़े पूंजीपतियों के कल्याण है। किसान, जवान, महिला, पिछड़े, आदिवासी, दलित सहित देश के आम नागरिको का हित भाजपा सरकारों के कार्यसूची में नहीं आता। प्रदेश की विष्णुदेव साय की भाजपा सरकार भी इसी नीति का अनुसरण कर रही है। निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने विष्णुदेव साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ये सरकार जानबूझकर किसानों को खाद उपलब्ध नहीं करा रही है। सरकार का एकमात्र लक्ष्य धान उत्पादन को प्रभावित करना है। सरकार को लगता है कि खाद की कमी से किसान का धान उत्पादन कम होगा जिससे सरकार पर धान खरीदी का बोझ नहीं आएगा। धान खरीदने से बचने के लिए सरकार जानबूझकर किसानों को खाद नहीं उपलब्ध करा पा रही है। डी ए पी खाद की अनुपलब्धता को लेकर पीसीसी महामंत्री श्री द्वितेन्द्र मिश्रा ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रूस यूक्रेन युद्ध के बावजूद सरकार अम्बानी के लिए रूस से सस्ती कीमतों पर कच्चा तेल आयात कर रही है जिसका आम हिंदुस्तानियों को कोई फायदा नहीं है वहीं किसानों को डी ए पी खाद उपलब्ध कराने में युद्ध आड़े आ जा रहा है। सभा के दौरान पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने एग्री स्टेट पंजीयन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी सहित किसानों से संबंधित सभी लाभ की योजनाओं को इससे जोड़ इसे अनिवार्य बना दिया गया है लेकिन किसानों के बीच मे इसके प्रचार प्रसार में प्रशासन असंवेदनशील बना हुआ है। जिन किसानों को इसकी जानकारी है वे भी इसके पोर्टल की असफलता के कारण अपना पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं। पंजीकरण के प्रति प्रशासन की यह असफलता धान खरीदी के सीजन में किसानों पर भारी पड़ने वाली है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री के निर्देश बनी आंदोलन की रणनीति

पूर्व उपमुख्यमंत्री  टी एस सिंहदेव के द्वारा खरीफ़ सीजन की शुरुआत के साथ ही खाद की कमी को लेकर एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर सरकार को संदेश दिया था। इस प्रेसवार्ता के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे पर पूरे प्रदेश में आंदोलन किया था। अम्बिकापुर प्रवास के दौरान विगत सप्ताह कई किसान संगठनों ने पूर्व उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर खाद की कमी के साथ ही एग्री स्टेट पंजीयन की तकलीफों को बतलाया। पूर्व उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर 26 अगस्त को जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा प्रशासन को 3 दिन में स्थिति ठीक करने के लिये ज्ञापन दिया था, जिसपर असफल रहने पर आज यह आंदोलन हुई। 28 अगस्त को प्रशासन के आमंत्रण पर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री राकेश गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों के एक टीम से वार्तालाप किया। इस बैठक में यह जानकारी सामने आई कि कांग्रेस के ज्ञापन के उपरांत प्रशासन ने 2000 मीट्रिक टन खाद का डिमांड प्रदेश सरकार को भेजा है। यह जानकारी भी दी गई कि संभवतः 30 अगस्त को रैक आ जायेगा, लेकिन भेजी जाने वाली मात्रा की जानकारी प्रशासन के द्वारा नहीं दी गई। अन्य बिंदुओं पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण किसानों के समर्थन में आज के आंदोलन को यथावत रखने का निर्णय लिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को सिर्फ एक बात पर सहमति दी थी कि चक्काजाम प्रतीकात्मक रहेगा क्योंकि कांग्रेस अपने आंदोलन को जनहित के लिए करती है न कि आमजन को परेशान करने के लिए। सात सूत्रीय मांग का ज्ञापन देते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष  बालकृष्ण पाठक ने अनुविभागीय अधिकारी अम्बिकापुर से यह उम्मीद जताई है कि प्रशासन त्वरित रूप से मांगो पर कार्यवाही करेगा। ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस फिर सड़कों पर उतरेगी।

संचार विभाग
जिला कांग्रेस कमेटी, सरगुजा

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