दोनों हाथ ही नहीं, पैरों से भी पेंटिंग बनाकर कल्पनाओं में रंग भरता है यह शख्स

अमूमन एक साथ दोनों हाथों से कोई एक ही काम करना बेहद मुश्किल होता है। पर, साहिबगंज का एक शख्स ऐसा है जो अपने हाथों के साथ पैरों का भी इस्तेमाल पेंटिंग्स बनाने में करता है। अचरज से भरा यह कारनामा पेशे से शिक्षक और शहर के बंगालीटोला निवासी विप्लव राय चौधरी कर रहे हैं। वे एक साथ दोनों हाथ व पैरों का इस्तेमाल कर पेंटिंग बनाते हैं। उनके हुनर को जो भी देखता है उनकी प्रतिभा का कायल हो जाता है। लोगों का यहां तक कहना है कि भाई इनके हाथ पैरों में तो जादू है।

कुछ अलग करने की चाह ने दिखाई राह

विप्लव को बचपन से ही कुछ अलग करने की चाह थी। उनके बड़े भाई अभिजीत को पेंटिग्‍स बनाने का शौक था। वे उन्‍हें बचपन से देखा करते थे। पांच साल की उम्र में ऐसी ललक जागी कि चित्रकला के वे दीवाने हो गए। जब कुछ बड़े हुए तो सोचा कि हाथ से ही क्यों पैरों का भी प्रयोग पेंटिंग बनाने में किया जाए। यह तो अलग ही विधा हो जाएगी। इस हुनर को तराशने के लिए शुरू कर दिया अभ्यास। कुछ दिनों में मेहनत रंग लाई और वे हाथ-पैरों के प्रयोग से एक से एक चित्र बनाने लगे।