जज बोले- तुमने मजे के लिए किया शिकार, लोग तुम्हें फॉलो करते हैं

सलमान खान को 20 साल पुराने काले हिरणों के शिकार मामले में 5 साल की सजा सुना दी गई है. जोधपुर की CJM कोर्ट के जज देवकुमार खत्री ने जहां सलमान खान को कांकणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार करने का दोषी करार दिया, वहीं घटना के वक्त उनके साथ जिप्सी में मौजूद उनके अन्य साथी कलाकारों सैफ अली खान, तब्बू, नीलम कोठारी, और सोनाली बेंद्रे को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया.

CJM देवकुमार खत्री ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए 115 दस्तावेजों, 18 सबूतों, चश्मदीद गवाह पूनमचंद और हिरणों की दोबारा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सलमान खान के खिलाफ फैसला सुनाया. आइए जानते हैं कि अपने फैसले में जज देवकुमार खत्री ने क्या अहम बातें कहीं.

‘चर्चित अभिनेता, जिसकी बातें अनुकरण की जाती हैं’

जज देवकुमार खत्री ने अपने दंडादेश में कहा कि ‘अभियुक्त बहुचर्चित कलाकार व्यक्ति है. जिसके द्वारा किए गए कार्यों का आम जनता द्वारा भी अनुसरण किया जाता है. इसके बावजूद अभियुक्त ने दो वन्य जीव कृष्ण मृगों का शिकार किया है.’

हिट एंड रन केस का भी जिक्र

अपने फैसले में जज खत्री ने सलमान खान से जुड़े हिट एंड रन केस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘अभियुक्त पर पूर्व में भी दो अन्य प्रकरण हिरण शिकार के दर्ज हुए थे. मुलजिम पर एक अन्य प्रकरण हिट एंड रन केस का बंबई में हुआ था. मुलजिम ने हस्तगत प्रकरण वाले कृष्ण मृगों का शिकार शौक-मौज के लिए किया.’

अवैध शिकार की घटनाओं का दिया दृष्टांत

जज देवकुमार खत्री ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए देशभर में हो रहे वन्य जीवों के अवैध शिकार का भी दृष्टांत दिया. उन्होंने कहा ‘मुलजिम ने जिस प्रकार वन्य जीव संरक्षण अधिनियम… में दर्ज ब्लैक बक एंटीलोप सर्वीकापरा प्रजाति के दो निर्दोष, मूक वन्य जीव कृष्ण मृगों का बंदूक से गोली मारकर शिकार किया है, उसे मद्देनजर रखते हुए एवं वर्तमान में वन्य जीवों के अवैध शिकार की बढ़ रही घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए एवं अभियुक्त के कृत्य व प्रकरण के समस्त तथ्यों, परिस्थितियों, हालात व अपराध की अत्यंत गंभीरता व उपरोक्त कारणों को मद्देनजर रखते हुए… अभियुक्त को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ दिया जाना न्यायोचित नहीं है.’

पारिस्थितिकी संतुलन को नुकसान

जज देवकुमार खत्री ने सलमान के अपराध की गंभीरता का उल्लेख करते हुए उस ओर भी ध्यान दिलाया कि उन्होंने पारिस्थितिकी के लिए कितने महत्वपूर्ण जीव की हत्या की थी. जज खत्री ने कहा ‘कृष्ण मृग (काला हिरण) वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की प्रथम अनुसूचि के भाग प्रथम के क्रम संख्या 2 पर दर्ज ‘ब्लैक बक’ एंटीलोप सर्वीकापरा की प्रजाति के वन्यजीव हैं, जिनकी प्रजाति लुप्त हो रही है, जिससे पारिस्थितिकी संतुलन को भी नुकसान हो रहा है.’

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