10 मिनट में भारत से 100 करोड़ रुपये कमा ले गई चीन की कंपनी

OnePlus 6 को पिछले हफ्ते मुंबई में एक इवेंट के दौरान लॉन्च किया गया था, इसकी शुरुआती कीमत 34,999 रुपये रखी गई है. इस स्मार्टफोन की पहली सेल 21 मई को अमेजन प्राइम और वनप्लस कम्यूनिटी मेंबर्स के लिए की गई थी. अब कंपनी ने जानकारी दी है कि इस फोन की सेल के दौरान पहले 10 मिनट में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के फोन बिके.

OnePlus 6 की बिक्री 21 मई को 12pm IST को शुरू की गई थी. कंपनी के मुताबिक, इस सेल ने पिछले साल के OnePlus 5T के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. याद के तौर पर बता दें OnePlus 5T ने कंपनी को 100 करोड़ की कमाई पहले दिन की सेल के बाद दी थी. जबकि ये आंकड़ा OnePlus 6 ने 10 मिनट में ही छू लिया. इससे भारत में वनप्लस की बढ़ती लोकप्रियता को समझा जा सकता है.

जनता का जननायक व् कांग्रेस की नयी आशा “जननायक अशोक गहलोत “

जैसा की हम सब जानते हैं की आज जिस तरह के राजनेतिक माहोल बन रहे हैं , हर पार्टी अपने आपको साबित करने मैं लगी हैं | कई नेता भी अपने आप को हर जगह सिद्ध करने मैं लगे हुए हैं | उसी कड़ी मैं एक नाम ऐसा भी हैं जो आज भी अपनी लोकप्रियता से जननायक हैं| उनकी लोकप्रियता के चर्चे पक्ष विपक्ष दोनों जगह हैं | हाल ही मैं हुए चुनावों के परिणाम की बात करे तो उनकी अपनी एक अलग ही कार्यशैली हैं |
हम बात कर रहे हैं कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत जो की गुजरात चुनाव मैं एक मुख्य नायक के रूप मै रहे हैं | जोधपुर राजस्थान के मूल निवासी जो दो बार राजस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उस कार्यकाल मे वो हमेशा जनता के जननायक रहे हैं |

कांग्रेस मैं अगर उनकी बात करे तो बचपन से ही उनकी विचारधारा सबको साथ लेकर चलने की रही हैं | छात्रसंघ चुनाव से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उनका दबदबा रहा हैं | वे हमेशा से ही सबको साथ लेकर एक नयी दिशा की ओर चलने में रहे हैं | जब देश के प्रधानमंत्री पी वी नरसिंगा राव थे तो उनके कार्यकाल में स्वतंत्र राज्यमंत्री (टेक्सटाइल) के रूप मे रहे , राजीव गाँधी के समय स्वतंत्र प्रभार खेल मंत्री व् इंदिरा गाँधी के समय स्वतंत्र राज्य परिवहन मंत्री के रूप मे रहे |

पार्टी में अगर उनकी लोकप्रियता की बात की जाये तो आलाकमान सोनिया गाँधी , राष्ट्रिय अद्यक्ष राहुल गाँधी व् कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा के सबसे करीबी मने जाते हैं | गुजरात चुनाव व् कर्नाटक चुनाव की बात करे तो कांगेस पार्टी के लिए उनका कार्य संजीवनी बूंटी के रूप में रहा हैं | उनकी चाणक्य निति व् राजनीतिक विश्लेषण से कर्नाटक में विपक्ष को कमजोर करके सरकार बनायीं हैं |

अगर आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के पास प्रधानमंत्री का दावेदार हैं तो निःसंकोच अशोक गहलोत एक सुद्रढ़ दावेदार हैं | उनका राजनेतिक विश्लेषण व् सामाजिक सरोकार दोनों ही दमदार हैं | भविष्य मे क्या होना वो तो गर्त में हैं पर अगर जननायक व् कुशल नेतृत्व के रूप मे देखे तो अशोक गहलोत प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं |

उनकी सरलता का कोई सानी नही वे जनता के बीच कभी भी फूलों की माला पहनते हुए भी देखे जाएंगे , वे आज भी सूत के माला स्वीकारते है , “अशोक नहीं आंधी है मारवाड़ का गांधी है” जैसे नारे उनके लिए बहुत प्रचलित है , उन्हें लोग प्रेम से जादूगर भी कहते है , राजस्थान में विकास के नए आयाम उनके कार्यकाल में तय हुए थे , जहाँ एक और कांग्रेस पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त से हो चुकी है उसमें कांग्रेस में एक ऐसा नाम ऐसा भी है जिसपे अभी तक किसी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है , कर्णाटक चुनाव में मिली जीत के भी सूत्रधार वे ही माने जा रहे है , उनका विधायकों के साथ समन्वय ने नही भाजपा सरकार को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया , पूर्व में चाहे सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल का राज्यसभा चुनाव हो चाहे गुजरात विधानसभा चुनाव , ये अशोक गहलोत थे जिन्होंने भाजपा को नाकों चने चबवा दिए थे , मुख्य धारा के सभी मीडिया चैनल तथा प्रिंट मीडिया में उनके द्वारा कांग्रेस को वापिस खड़े करने के उल्लेख देखे जा रहे है , वे हर चित्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ भी कई स्थानों पर उपस्थिति दर्ज करवाते हुए दिख रहे है , जैसा कि पूर्व में भी हुआ कि सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद पर प्रधानमंत्री पद को त्यागते हुए मनमोहन सिंह जो प्रधानमंत्री बनाया था कयास लगाए जा रहे है कि राहुल गांधी में चुनाव पूर्व ऐसा ही कुछ कर अशोक गहलोत को सिरमौर बना प्रधानमंत्री पद पर पदस्थापित कर सकते है ।
वैसे भी राजनीति कयासों का खेल है और यह कयास इतेफाक से सच्चाई में बदलने में ज्यादा समय नहीं लेगी ।

कुछ ऐसे विडियो भी है जो इनकी लोकप्रियता को दर्शाता है

 

 

कर्नाटक: कांग्रेस ने ऐसे पलट दी बाजी,जीत का जश्न मनाने में जुटी थी BJP

कर्नाटक विधानसभा चुनाव नतीजों में किसी भी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनकर उभरी है, लेकिन जादुई आंकड़े से करीब सात सीट दूर दिख रही है. फिलहाल कांग्रेस को 77 और जेडीएस को 38 सीटें मिलती हुई नजर आ रही हैं.

जेडीएस से बात करने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती को भी इस काम में लगाया गया है. मायावती ने कर्नाटक में जेडीएस के साथ मिलकर चुनाव लड़ी हैं और उनकी पार्टी के एक विधायक ने जीत भी दर्ज की है. ऐसे में मायावती ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और कुमारस्वामी के साथ बातचीत करके उनको कांग्रेस के साथ सरकार बनाने के लिए राजी कर लिया है. इतना ही नहीं, उन्होंने जेडीएस को किसी भी कीमत में बीजेपी के साथ न जाने की भी सलाह दी है.

जेडीएस के राजी होने के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी देवगौड़ा से बात करके सरकार बनाने का फॉर्मूले तय किया. कांग्रेस और जेडीएस के बीच तय हुआ है कि कुमारस्वामी मुख्यमंत्री होंगे और कांग्रेस के कोटे में डिप्टी सीएम का पद मिलेगा. इसके लिए जी परमेश्ररा के नाम को भी बकायदा सुझाया गया हैं. इसके अलावा इस गठबंधन में 34 मंत्री होंगे, जिसमें से कांग्रेस के कोटे से 20 और जेडीएस के कोटे से 14 मंत्री होंगे.

कांग्रेस के प्रस्ताव पर जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने मुहर लगा दी है और अब राज्यपाल को सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

वॉलमार्ट ने 16 अरब डॉलर में खरीदा Flipkart, सचिन बंसल ने दिया इस्तीफा

वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी ली है. भारत के ई-कॉमर्स के इतिहास में यह अबतक की सबसे बड़ी डील है. इस डील को करने के बाद वॉलमार्ट भारत में काम करने वाली सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी बन जाएगी.

वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट में करार के बाद भारत में वॉलमार्ट का कारोबार लगभग 10 बिलियन डॉलर का हो जाएगा. गौरतलब है कि वॉलमार्ट ग्लोबल के सीईओ डग मैकमिलन मंगलवार को इस डील के लिए भारत पहुंच गए थे और बुधवार को डील का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है.

भारत में वॉलमार्ट के मौजूदा कामकाज का बहुत आंकड़ा साझा नहीं किया गया है. हालांकि भारत में वॉलमार्ट का बेस्ट प्राइस- कैश एंड कैरी कारोबार लगभग 500 मिलियन डॉलर का है. वहीं अपने इंटरनेशनल स्टोर्स के लिए मौजूदा समय में वॉलमार्ट लगभग 3 बिलियन डॉलर के उत्पाद भारतीय कंपनियों से खरीदता है. इसके अलावा वॉलमार्ट लगभग 3 बिलियन डॉलर तक की जेनेरिक दवाइयों की खरीद भी भारतीय फार्मा कंपनियों से करते हुए दुनियाभर में सप्लाई करता है.

CGBSE रिजल्ट: 10वीं में यज्ञेश और 12वीं में शिवकुमार ने किया टॉप

छत्तीसगढ 12वीं बोर्ड परीक्षा में शिवकुमार ने पहला स्थान हासिल किया और 98.40 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार उनके पिता एलआईसी एजेंट हैं और उन्हें लिखने, गाने का शौक है.
वहीं दूसरे स्थान पर बिलासपुर की संध्या कौशिक का नाम है, जिन्हें 97.40 अंक प्राप्त हुए हैं. मेरिट लिस्ट में तीसरे स्थान पर शुभम गंधर्व, चौथे स्थान पर हेमंत कौशिक और पांचवें स्थान पर यशस्वी ने कब्जा किया है.

इस बार 10वीं की परीक्षा में कुल तीन लाख 96 हजार 284 और 12वीं में दो लाख 72 हजार 828 परीक्षार्थी शामिल हुए हैं. बता दें कि बोर्ड ने 5 से 28 मार्च के बीच 10वीं बोर्ड परीक्षा और 7 से 2 अप्रैल के बीच 12वीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन किया था. साल 2017 में 10वीं बोर्ड परीक्षा में 442060 उम्मीदवार और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 279906 उम्मीदवारों ने रजिस्टर किया था.

अनुष्‍का का बर्थडे और मुंबई से मैच आज, जीत का तोहफा देंगे कोहली?

मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू का सुपरहिट मुकाबला मुंबई इंडियंस से है.वहीं आज ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के कप्‍तान विराट कोहली की पत्‍नी और एक्‍ट्रेस अनुष्‍का शर्मा का बर्थडे भी है. विराट और अनुष्‍का के फैंस को उम्‍मीद है कि उनके स्‍टाइलिश कैप्‍टन इस मैच को जीत कर अनुष्‍का को शानदार बर्थडे गिफ्ट देंगे. अनुष्‍का अबतक लगभग हर मैच में कोहली और उनकी टीम को मैदान पर चीयर करती दिखाई दी हैं. पत्नी अनुष्का के बर्थडे पर इस यंग क्रिकेटर ने शानदार ट्वीट कर उन्हें बधाई दी. विराट ने ट्वीट में एक तस्वीर भी पोस्ट की है जिसमें वह अनुष्का का बर्थडे सेलिब्रेट करते नजर आ रहे हैं

राज्य सभा सांसद नारायण पंचारिया होंगे भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष – आज शाम तक घोषणा संभव

पार्टी के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार छः दिनों के असमंजस के बाद आखिर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के नाम पर सहमति बन गयी है। राजस्थान से राज्यसभा में सांसद एवं मुख्य सचेतक नारायण लाल पंचारिया को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी जा रही है। पेशे से वकील पंचारिया ब्राह्मण समाज से आते हैं और चार वर्ष पूर्व राज्यसभा में भेजे गए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में पंचारिया के चयन की मुख्य वजह उनकी संघनिष्ठ एवं बेदाग छवि, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से बेहतर तालमेल के साथ ही आम कार्यकर्ता से जुड़ाव व संगठन क्षमता बतायी जा रहा है।

संघ से जुड़ाव – 64 वर्षीय पंचारिया बचपन से ही आर. एस. एस. के स्वयं सेवक रहे हैं, इसके साथ ही लंबे समय तक संघ की शैक्षिक शाखा विद्या भारती से जुड़े रहे व इमरजेंसी में जेल भी जा चुके हैं।

पार्टी में लंबा अनुभव – पूर्व में 14 वर्षों तक जोधपुर जिले के शहर भाजपा संगठन मंत्री रहने के बाद वसुंधरा सरकार के समय 2004 में जोधपुर शहर जिले के जिलाध्यक्ष का पद संभाल चुके पंचारिया को 2014 में राज्य सभा में भेजा गया।
अपने लंबे राजनैतिक जीवन में पंचारिया की छवि बेदाग रही है, आम कार्यकर्ता से सीधा जुड़ाव व सादगी के कारण सदैव सर्वमान्य रहे पंचारिया कभी किसी गुटबाजी में नही रहे। राजस्थान भाजपा के प्रशिक्षण प्रकोष्ठ में प्रभारी रहे हैं, प्रदेश भाजपा में महामंत्री, भाजपा के सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के प्रदेश संयोजक के साथ ही राज्य सभा मे सचेतक भी रह चुके हैं।

चुनावी वर्ष में पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश भाजपा की कमान संगठन से जुड़े किसी ऐसे व्यक्ति को सौंपना चाहता था जो केंद्र एवं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ बेहतर तालमेल बिठा सके। जातिगत समीकरण साधना भी एक बड़ी चुनौती था। प्रदेश में 20 प्रतिशत ब्राह्मणों के वोट हासिल करने के साथ ही ब्राह्मण वर्ग की सभी जातियों में पकड़ को भी मद्धे नजर रखा गया है।

सोशियल मीडिया पर लोकप्रिय – पंचारिया सोशियल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और फेस बुक पर चार लाख से अधिक फॉलोवर के साथ मुख्यमंत्री के बाद सर्वाधिक लोकप्रिय नेताओं में प्रमुख हैं।

भाजपा के असंतुष्टों को साधना – घनश्याम तिवाड़ी खेमे में सेंध लगाने की दृष्टि से भी भाजपा को किसी ब्राह्मण चेहरे की तलाश थी। ब्राह्मण समाज की जाट समुदाय में स्वीकार्यता के साथ ही पंचारिया के जाट समाज के प्रमुख नेताओं से सौहार्दपूर्ण संबंधों को बेनीवाल की घर वापसी से भी जोड़कर देखा गया है।

मुख्यमंत्री ने दी हरी झंडी – बताया जा रहा है कि पंचारिया के नाम पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी सहमत हैं और उनकी सहमति के बाद केंद्र ने भी उनके नाम पर अपनी मुहर लगा दी है।

अनुराधा सोनी ने एम् सील से लेहंगा,दुपट्टा और ब्लाउज बना कर अपना नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज़ करवाया

राजस्थान (बीकानेर ) निवासी अनुराधा सोनी ने एम् सील से लेहंगा,दुपट्टा और ब्लाउज बना कर अपना नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज़ करवाया है. उन्हें इस पूरी ड्रेस को तैयार करने में  24 दिन लगे, जिसके लिए उन्होंने दिन में 10 से 12घंटो तक काम  किया.  एम् सील जिसे की हम पानी की लीकेज को रोकने वाली चीज़ के रूप में जानते है, उससे एक ड्रेस तैयार करना अपने आप में एक अनूठा काम है. अनुराधा ने बताया की इसके लिए सबसे पहले उन्होंने एम् सील से लगभग 3,000 पीस तैयार किये, फिर उनपर मीनाकारी की, स्टोन चिपकाये और फिर उन्हें आपस में जोड़ कर लहंगे, दुप्पटे और ब्लाउज का रूप दिया. इससे बनाने में लगभग 10 से 12 हज़ार का खर्चा आया. एम् सील से कुछ अलग करने की चाह  के

 

लते, इससे पहले 2017 में भी एम् सील से 66 दिनों में ज्वेलरी के  500 आइटम्स जैसे की हार, पायल, चूड़ी इत्यादि बना कर वह अपना नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज़ करवा चुकी है.  अपने इन 500 आइटम्स की वह जयपुर में प्रदर्शनी भी लगा चुकी है. कुछ अनूठा और अलग करने की  चाहत ने उन्हें एम् सील से काम करने की प्रेरणा दी. अनुराधा ने जयपुर से ज्वेलरी डिजाइनिंग का कोर्स किया है और वर्तमान में वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत है.   

जज बोले- तुमने मजे के लिए किया शिकार, लोग तुम्हें फॉलो करते हैं

सलमान खान को 20 साल पुराने काले हिरणों के शिकार मामले में 5 साल की सजा सुना दी गई है. जोधपुर की CJM कोर्ट के जज देवकुमार खत्री ने जहां सलमान खान को कांकणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार करने का दोषी करार दिया, वहीं घटना के वक्त उनके साथ जिप्सी में मौजूद उनके अन्य साथी कलाकारों सैफ अली खान, तब्बू, नीलम कोठारी, और सोनाली बेंद्रे को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया.

CJM देवकुमार खत्री ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए 115 दस्तावेजों, 18 सबूतों, चश्मदीद गवाह पूनमचंद और हिरणों की दोबारा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सलमान खान के खिलाफ फैसला सुनाया. आइए जानते हैं कि अपने फैसले में जज देवकुमार खत्री ने क्या अहम बातें कहीं.

‘चर्चित अभिनेता, जिसकी बातें अनुकरण की जाती हैं’

जज देवकुमार खत्री ने अपने दंडादेश में कहा कि ‘अभियुक्त बहुचर्चित कलाकार व्यक्ति है. जिसके द्वारा किए गए कार्यों का आम जनता द्वारा भी अनुसरण किया जाता है. इसके बावजूद अभियुक्त ने दो वन्य जीव कृष्ण मृगों का शिकार किया है.’

हिट एंड रन केस का भी जिक्र

अपने फैसले में जज खत्री ने सलमान खान से जुड़े हिट एंड रन केस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘अभियुक्त पर पूर्व में भी दो अन्य प्रकरण हिरण शिकार के दर्ज हुए थे. मुलजिम पर एक अन्य प्रकरण हिट एंड रन केस का बंबई में हुआ था. मुलजिम ने हस्तगत प्रकरण वाले कृष्ण मृगों का शिकार शौक-मौज के लिए किया.’

अवैध शिकार की घटनाओं का दिया दृष्टांत

जज देवकुमार खत्री ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए देशभर में हो रहे वन्य जीवों के अवैध शिकार का भी दृष्टांत दिया. उन्होंने कहा ‘मुलजिम ने जिस प्रकार वन्य जीव संरक्षण अधिनियम… में दर्ज ब्लैक बक एंटीलोप सर्वीकापरा प्रजाति के दो निर्दोष, मूक वन्य जीव कृष्ण मृगों का बंदूक से गोली मारकर शिकार किया है, उसे मद्देनजर रखते हुए एवं वर्तमान में वन्य जीवों के अवैध शिकार की बढ़ रही घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए एवं अभियुक्त के कृत्य व प्रकरण के समस्त तथ्यों, परिस्थितियों, हालात व अपराध की अत्यंत गंभीरता व उपरोक्त कारणों को मद्देनजर रखते हुए… अभियुक्त को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ दिया जाना न्यायोचित नहीं है.’

पारिस्थितिकी संतुलन को नुकसान

जज देवकुमार खत्री ने सलमान के अपराध की गंभीरता का उल्लेख करते हुए उस ओर भी ध्यान दिलाया कि उन्होंने पारिस्थितिकी के लिए कितने महत्वपूर्ण जीव की हत्या की थी. जज खत्री ने कहा ‘कृष्ण मृग (काला हिरण) वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की प्रथम अनुसूचि के भाग प्रथम के क्रम संख्या 2 पर दर्ज ‘ब्लैक बक’ एंटीलोप सर्वीकापरा की प्रजाति के वन्यजीव हैं, जिनकी प्रजाति लुप्त हो रही है, जिससे पारिस्थितिकी संतुलन को भी नुकसान हो रहा है.’